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Don Hill Station Gujarat – गुजरात में आए हुवे हिल स्टेशन में ये दूसरा है। अगर आप डॉन हिल स्टेशन के बारे में कुछ नहीं जानते तो आइये आज हम इस हिल स्टेशन के बारे में बात करते है।

Don Hill Station

Photography : Bahiram Sharad ( Traveller )

कुदरती रूप से ऊंचाई पर आई हुवी जगह,ठंडा तापमान, मैदानी इलाका और घाटी के मनमोहक वातावरण जो जगह पर हो उसे हिल स्टेशन कहा जाता है।

मुख्य रूप से भारत में अधिकांश हिल स्टेशन हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, कर्णाटक, महाराष्ट्र में आये हुवे है। गुजरात में मुख्य रूप से एक ही हिल स्टेशन है सापुतारा। डॉन हिल स्टेशन दूसरे हिल स्टेशन के तौर पर राज्य सरकार द्वारा विकसित किया जा रहा है।

सब लोग सापुतारा के बारे में तो जानते है लेकिन डॉन के बारे में बहोत ही कम लोग जानते है। आज हम गुजरात के उसी डॉन हिल स्टेशन के बारे में बात करते है।

Don Hill Station Gujarat - कहाँ पर आया हुवा है ?

गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित हैं और आहवा से 30 किमी दूर हैं।

इस जगह के बारे में लोगों को अभी जयादा जानकारी नहीं है इस लिए ज्यादातर पर्यटकों से छुपा हुवा है। सिर्फ माऊथ पब्लिसिटी से ही इस जगह के बारे में जानकारी फ़ैल रही है।

सरकार ने इस जगह को सापुतारा की तरह विकास करने के प्रयत्न शुरू कर दिए है। लेकिन पूरी तरह सुविधा युक्त होने में इस जगह को अभी कुछ साल जरूर लगेंगे। 

अगर आप के लिए सुखसुविधा से बढ़कर प्रकृति का आनंद है तो आप के लिए यह जगह बहोत ही सुन्दर रहने वाली है। 

आप यहाँ अपने फॅमिली के साथ एक दिन बड़े आराम से बिता सकते है।

Best time to Visit Don Hill Station - सबसे अच्छा समय कोनसा है यहाँ पर घूमने के लिए ?

Don Hill Station

Photography : Nikunj Patel ( Traveller )

यहाँ पर घूमने के लिए सबसे अच्छा समय मॉनसून सीजन है। बारिश के मौसम में यह जगह बहोत ही हरियाली से भर जाती है।

मानसून के बाद भी कुछ महीनो तक यह जगह बहुत ही सुन्दर रहती है।

इस लिए मानसून या उसके बाद के कुछ यानि जुलाई से लेकर नवंबर महीने बेस्ट रहेंगे यहाँ आने के लिए।

यहाँ पर मार्च से ले कर जून तक आने की सलाह नहीं है। क्यूंकि यह जगह सुखी हो जाती है और नदियां और ज़रनें भी सुख जाते है।

Don Hill Station Gujarat - पारम्परिक..

यहाँ पर मुख्य आदिवासी समुदाय निवास करते है जो हर साल एक उत्सव मानते है जिसे डॉन महोत्सव कहते  है।

वैसे यह महोत्सव आमतौर पर फरवरी या मार्च महीने में मनाया जाता है।

अगर आप विंटर सीजन में यहाँ पर आये हो तो यह महोत्सव का हिस्सा बन सकते हो।

इस महोत्सव में यहाँ के आदिवासी रंगीन वस्त्रों और पारम्परिक वेशभूषा में तैयार हो कर उनका पारम्परिक गीत गाते है और नृत्य करते है जो बहोत ही सुन्दर होता है।

इस जगह को लोकप्रिय बनाने के लिए गुजरात सरकार और पर्यटन प्रशासन डॉन महोत्सव का आयोजन करते है।

How to Reach Don Hill Station Gujarat - यहाँ पर कैसे पहुंचे ?

नियरेस्ट एयर पोर्ट सूरत है जो यहाँ से करीब 173 किमी दूर है। जहाँ से आप को आसानी से टैक्सी मिल जाएगी यहाँ तक आने के लिए।

सूरत से आप वघई स्टेशन आने के बाद टेक्सी द्वारा आप यहाँ आ सकते है। वघई से डॉन हिल स्टेशन करीब 6 0किमी की दूरी पर आया हुवा है।

यहाँ से भी आप को टेक्सी या सरकारी बसें मिल जाएगी यहाँ तक आने के लिए।

यहाँ तक पहुँचने के लिए सबसे पहले आप को डांग जिले तक पहुंचना होगा। डांग जिले में आए हुवा आह्वा से यह डॉन हिल स्टेशन करीब 30 किमी दूर है।

अहवा से कुछ सरकारी बस यहाँ तक पहुँचती है। लोकल टेक्सी भी आपको यहाँ तक पंहुचा देगी।

अगर आप प्राइवेट कार लेकर जा रहे हो तो यह विकल्प सबसे बढ़िया रहेगा।

पेट्रोल और डीज़ल फिलिंग पंप अहवा में मौजूद है। अगर आप की कार सीऍनजी है तो सीएनजी फिलिंग स्टेशन वंसदा में स्थित है। जो डॉन से करीब 77 किमी दूर है।

Where to Stay in Don Hill Station - कहाँ पर रुके ?

यहाँ पर रात रुकने की कोई व्यस्था नहीं है। सापुतारा या अहवा में आपको रात रुकने के लिए होटल्स मिल जायेंगे।

सरकार ने सापुतारा की तरह इसे भी दूसरा हिल स्टेशन बनाने का प्रयत्न शुरू  किया है लेकिन अभी यहाँ पर सापुतारा जैसी कोई सुविधा मौजूद नहीं है।

वैसे मैंने ऑनलाइन होटल बुकिंग की लिंक दी हुई है आप डायरेक्ट अपनी जरूरियात के मुताबिक उस लिंक पर जाके होटल सर्च कर सकते है।

Note : मुझे निचे दी  गयी कोई भी होटल्स की लिंक से किसी भी प्रकार की आय नहीं हो रही। यहाँ सिर्फ में उसे आप की अनुकूलता के लिए दे रहा हूँ।

Where to Eat ? - खाने पिने की क्या व्यस्था है ?

यह हिल स्टेशन अभी उतना विकसित नहीं है इस लिए यहाँ कोई होटल भी नहीं है। आप को अच्छा खाना और रहने की व्यस्था अहवा में या सापुतारा में ही मिल जाएगी।

वैसे यहाँ पर नास्ता करने के लिए कुछ छोटे लॉज है जहाँ पर आप चाय नास्ता कर सकते हो।

यहाँ पर होटल तो नहीं है लेकिन आप यहाँ पहाड़ी पर तम्बू में रह सकते हो। यहाँ पर सूर्यास्त समय पर तम्बू में रहने की ख़ुशी ही कुछ अलग होती है।

इसके आलावा रात में कैंप फायर और प्राकृतिक रौशनी में शीतल वातावरण में रात गुजारने का अनुभव जीवन भर आप के दिल में रहेगा।

Don Hill Station Gujarat Atmospher - वातावरण

कहीं भी घूमने जाने से पहले आप को उस जगह का और आने वाले कुछ दिनों का वातावरण जान लेना अत्यंत आवश्यक है जिससे आप को किन किन चीजों की जरुरत रहेगी उसकी तयारी कर सको। जिससे आप अपनी यात्रा को ज्यादा सुखद कर सको।

में यहाँ पर आप को इस जगह का लाइव वातावरण जानने के लिए एक लिंक दे रहा हूँ जिससे आप यहाँ का वातावरण जान सकते हो।

Don Hill Station Gujarat - एडवेंचर्स एक्टिविटी..

Don Hill Station

Photography : Mihir Gajjar ( Traveller )

यहाँ पर ट्रैकिंग एक्टिविटी भी की जाती है। यह विस्तार पहाड़ी विस्तार है जिनकी वजह से ट्रैकिंग एक्टिविटी धीरे धीरे बढ़ रही है। 

प्रवासियों को आकर्षित करने के लिए यहाँ पर पैराग्लिडिंग एक्टिविटी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

Don Hill Station Gujarat Nearest Attrection - निकटतम आकर्षण..

Salher Fort History - साल्हेर किला इतिहास..

Salher Fort

Photography : Amol Shinde ( Traveller )

यह किला नासिक जिले में आया हुवा है। सह्याद्रि पर्वतमाला में आया हुवा सबसे ऊँचा किला है जो समुद्र तल से करीब 1567 मीटर ( 5141 foot ) की ऊंचाई पर स्थित है। 

यह किला मराठा साम्राज्य के प्रसिद्ध किलो मै से एक था।

सालहेर किला 1671 में शिवाजी महाराज के अधीन था। मुगलों ने 1672 में किले पर हमला किया था। लगभग एक लाख सैनिक इस युद्ध में लड़े थे। इस युद्ध में कई सैनिक मारे गए लेकिन अंततः शिवाजी महाराज ने सलहर की लड़ाई जीत ली।

मुगलों और शिवाजी की सेना के बीच आमने-सामने की लड़ाई में, सलहर की लड़ाई पहले स्थान पर होती है। इतनी बड़ी लड़ाई पहले नहीं जीती गई थी। 

मराठा सैनिकों द्वारा दिखाई बहादुरी और रणनीति ने लड़ाई को दूर-दूर तक फैला दिया और शिवाजी की प्रसिद्धि को बहुत अधिक बढ़ा दिया।

18 वीं शताब्दी में पेशवाओं ने इस किले पर कब्जा कर लिया था और बाद में अंग्रेजो ने इस किले को अपने कब्जे में ले लिया था।

साल्हेर और सलोटा किले में देखने लायक क्या क्या है। किले पर रात कैसे रुके। यहाँ पर कैसे पहुंचे? ये सब जानकारी के लिए मैंने साल्हेर किले के बारे में  अलग से पूरा आर्टिकल लिखा है आप उसे इस आर्टिकल में दी गयी लिंक पर जाके देख सकते है। 

Read MoreSalher & Salota Fort Full Information

Salota Fort - सालोटा किला..

Salota Fort

Photography : Yogesh Shavant ( Traveller )

यह किला समुद्र तल से करीब  1295 मीटर ( 4986 फ़ीट ) की ऊंचाई पर आया हुवा है।

इस किले के बारे में कोई अलग इतिहास दर्ज  नहीं है। यह किला सल्हेर किले से जुड़ा हुआ है। 

पहाड़ी के इस हिस्से को दुश्मन से अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया था।

इस किले के बारे में भी ज्यादा मैंने साल्हेर किले वाले आर्टिकल में बताया है जिसे आप लिंक पर जाके पढ़ सकते है।

Gira Waterfall - गिरा धोध..

Gira Waterfall

Photography : Jignesh Patel ( Traveller )

गिरा फॉल यहाँ से करीब 65 किमी की दूरी पर आया हुवा है। 

गिरा धोध कैसे पहुंचे? क्या ध्यान रखें? इसके बारे में मैंने विस्तार से ब्लॉग लिखा है आप दी गयी लिंक पर जाके उसे जरूर पढ़ें।

Read MoreGira Waterfall Full Information

Don Hill Station Gujarat

अगर आप को लग रहा हो की डॉन में कोई भी सुविधा नहीं है तो वहां जाने का क्या मतलब रहेगा? 

तो उसका जवाब ये है की यह जगह पूरी तरह व्यापारीकरण से अछूती है जिसकी वजह से कुदरत को आप उसके नेचुरल स्वरुप में देख सकते है एन्जॉय कर सकते है। 

रोज बरोज की भागा दौड़ी और दिखावे की लाइफ से दूर आप कुछ दिन अपने खुद के साथ बिना कोई अवरोध के यहाँ पर जी सकते हो।

और नजदीक में आये हुवे किलों, झरनों का आनंद उठा सकते हो।

Don Hill Station Gujarat – यह आर्टिकल मेरे दोस्तों के अनुभव और ऑन लाइन रिव्यूज़ की मदद से लिखा हुवा है।

अगर आप डॉन हिल स्टेशन के बारे में और भी ज्यादा जानकारी रखते हो तो यहाँ पर कमेंट बॉक्स में जरूर से शेयर कीजिये जिससे यहाँ पर घूमने आने वाले यात्रिको को डॉन हिल स्टेशन के बारे में और भी अच्छी जानकारी मिल सके जो हमारा इस आर्टिकल लिखने का मुख्य उदेश्य भी है।

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अगर आप चाहे तो उसे एक बार विसिट कर सकते है।

अपना कीमती समय इस आर्टिकल को देने के लिए आपका धन्यवाद।


dharmesh

My name is Dharmesh. I would like to travel different known as well as unknown places and same will be share with you in this website for make your journey more easy and enjoyable.

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